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हरियाणा विधानसभा में नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये हड़पने के आरोपी को किया काबू*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय ख़ोज/भारतीय न्यूज,
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हरियाणा विधानसभा में नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये हड़पने के आरोपी को किया काबू*
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चंडीगड़ ;- हरियाणा विधान सभा सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये हड़पने वाले गिरोह को धराशायी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सचिवालय के अधिकारियों ने आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए उन्हें काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया है। फिलहाल मुख्य आरोपी 8 दिन के रिमांड पर है। विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने वीरवार को विधान सभा सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि विधानसभा सचिवालय नौकरियों में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। कुछ माह पूर्व यहां कनिष्ठ अभियन्ता, रिपोर्टर हिंदी व अंग्रेजी, जुनियर स्केल स्टैनोग्राफर, लिपिक, टेलिफोन अटेंडेंट, टेलिफोन ऑपरेटर, हिंदी टाइपिस्ट, रिकॉर्ड रिस्टोरर और चौंकीदार पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। अंग्रेजी रिपोर्टर पद के लिए साक्षात्कार देने पहुंचे उम्मीदवार नीरज का रोल नंबर संदिग्ध पाया गया। जांच में पता चला कि नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह की ओर से यह फर्जी रोल नंबर तैयार किया गया है। गिरोह के सरागना की पहचान अंबाला जिला के गांव रछेड़ी निवासी जितेंद्र के रूप में हुई है।विधान सभा के सुरक्षा विंग ने आरोपी जितेंद्र को सचिवालय बुलाकर उससे पूछताछ की तो अनेक चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि उसने न सिर्फ हरियाणा विधान सभा सचिवालय बल्कि हरियाणा पुलिस में भी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से रुपये ऐंठे हैं। आरोपी ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से स्वयं के 3 पहचान पत्र भी बना रखे हैं। वह स्वयं को सरकारी कर्मचारी बता कर लोगों से रुपये ऐंठता था। कुछ को वह किसी मंत्री का पीए भी बताता था। विधान सभा सचिवालय ने 26 अक्तूबर को सेक्टर 3 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई। अगले दिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 8 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। उसकी चालाकी इस कदर थी कि वह उम्मीदवारों को रोल नंबर जारी करके साक्षात्कार में शामिल होने से रोक देता था। इसके लिए वह उन्हें कोविड प्रोटोकॉल के चलते साक्षात्कार स्थगित होने की झूठी जानकारी देता था। इसी दौरान रिश्वत की अगली खेप हासिल कर लेता था।

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